वीरान सा शहर हुआ करता था, सही मायने में तो गाँव ही था। दिल्ली वाली सड़क भी कच्ची थी, पहुँचने में घंटो लग जाते। अब देखो कितना बड़ा शहर हो गया है, रोड़ भी अब…
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यूँ तो उसका सही नाम गौरैया था, पर उसे मैं चिड़िया ही कहता - कभी घर में आ जाती, कभी स्कूल की खिड़की पर दिखती, पकड़ने की कोशिश करता तो उड़ जाती - यूँ ही हमारी…
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सर्दी की मुस्काई धूप हो गर्मी की ठंडी छांव हो तुम भागते दौड़ते इस शहर में मेरा अलसाया सा एक गाँव हो तुम हँसती चहचहाती पहाड़ों से नीचे आती नीली सी नदी का…
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रोज़ 5 बजे आती, घाँस पर दौड़ती भागती, झूलों पर करतब करती, फिसल-पट्टी पर उल्टा चढ़ती। 10 साल की थी, पर बड़े बड़े बच्चों के दलों की कप्तान बनती - मुझे…
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गाँव के ऊपर से हर रोज़ दस बजे एक हवाई जहाज़ निकलता था - देखता और सोचता कि ऊँगली से भी छोटे इस जहाज़ में लोग कैसे बैठते होंगे! आज जब पहली बार जहाज़ में बैठा…
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कुछ साल पहले की बात है, फेसबुक पर एक 'फ़ेक-न्यूज़' वायरल हुई जिसमे मंत्री सीताशरण के खिलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। मुख्यमंत्री ने अपने शासन की छवि…
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इस साल की फसल सूखे में खराब हो गयी थी, और चार घंटे लाइन में लग कर उसे मुआवजे में मिले थे पूरे छब्बीस रुपये और इकतालिस पैसे। दिल्ली जाने का किराया ही तीन…
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पीले टेप से सब कुछ सील कर दो अंकल, ये कोचिंग सेंटर नहीं क्राइम सीन है, डॉक्टर और इंजीनियर बनाने के लिए यहाँ कितने ही कवि, कलाकार, खिलाड़ी रोज़ मारे जाते…
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रविवार निश्चिन्त था - सप्ताह के सबसे पसंदीदा दिन की प्रतियोगिता रखी गयी थी, और रविवार की जीत लगभग तय थी - आखिर छुट्टी का दिन किसको पसंद नहीं? परिणाम…
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चलते चलते थक सा गया था, एक पेड़ के नीचे रुका तो एहसास हुआ कि घर से बहुत दूर आ चुका था - एकदम से मन में सैकड़ो सवाल गूँज गए - खाने-पीने का क्या होगा, कहीं…
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उसने बहुत सारी नौकरियाँ की, पर किसी में भी थोड़े दिन से ज्यादा ना रह पाया - हर बार फीडबैक मिलता कि वो बहुत ही आलसी है। एक कंपनी में बड़ी मुश्किल से…
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रूही और राघव की पसंद-नापसंद एक जैसी थी, दोनों को बारिश बहुत पसंद थी, और साथ में चाय हो जाए तो सोने पे सुहागा हो जाता। किताबें पढ़ने का भी शौक़ था, और…
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